By – राजेश खण्डेलवाल
03 December 2024
Unique Restaurant Story रेस्टोरेंट में लोग सिर्फ खाना खाने जाते हैं, लेकिन राजस्थान में ऐसा Unique Restaurant है, जिसमें लोगों को खाना खाने से ज्यादा उसे देखने का क्रेज रहता है। लोगों के लिए यह अब सेल्फी प्वाइंट बना है तो प्री वैडिंग शूटिंग स्थल के रूप में भी खूब पसंद किया जा रहा है। यहां आकर कई लोग अपने सपने साकार कर रहे हैं तो कई की इच्छा पूरी हो रही है।
Unique Restaurant सुना था, अब देख भी लिया
खाटूश्याम (राजस्थान)। राजस्थान के Unique Restaurant के बारे में सुना ही था, लेकिन अब देख भी लिया। इसके बारे में जैसा सुना, यह उससे कहीं ज्यादा बेहतर निकला। यह कहना है, पंजाब से खाटूश्याम बाबा के मंदिर में दर्शन करने आए विक्रम सिंह का।
पॉजिटिव कनेक्ट को उन्होंने बताया कि वे अपने 13 सदस्यीय दल के साथ राजस्थान आए हैं। वे बताते हैं कि यहां की व्यवस्थाएं बेहतर हैं। खाना भी अच्छा है और रेट वाजिब हैं। उनके साथी बताते हैं कि यहां आकर सुकून मिला। मैंने पहले ऐसा Unique Restaurant ना देखा और ना कभी सुना।
परिवार के साथ पहली बार आया
खाटूश्याम बाबा के मंदिर में बेटी और पत्नी के साथ राजस्थान के सीकर जिले से आए जगदीश पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं कि मैं परिवार के साथ पहली बार आया हूं। यहां की लुकिंग अच्छी है और Unique Restaurant को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है।
देशभर से खाटूश्याम बाबा के मंदिर में दर्शन करने को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राजस्थान का यह Unique Restaurant खूब भा रहा है। इसकी विशेषता यह है कि यह एरोप्लेन में बना हुआ है और इसी कारण इसका नाम ‘एरोप्लेन रेस्टोरेंट’ रखा गया है।
लोगों के मन भा रहा यूनिक आइडिया
इस Unique Restaurant को बनाया है कि जयपुर में रह रहे 32 वर्षीय युवा भूषण सैनी और उनके बड़े भाई राकेश सैनी ने, जो मूलत: नीमकाथाना जिले के कांवट गांव के रहने वाले हैं। उनका यह यूनिक आइडिया लोगों के मन भा रहा है।
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3 करोड़ रुपए में तैयार हुआ एरोप्लेन रेस्टोरेंट
पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत में एरोप्लेन रेस्टोरेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भूषण सैनी बताते हैं कि हर कोई आने वाला यही पूछता है कि यह Unique Restaurant सीमेंटेड बना हुआ है क्या?
बताना चाहता हूं कि यह ओरिजनल एरोप्लेन ही है, जिसमें बिछा हुआ कारपेट भी ओरिजनल है। एरोप्लेन के अंदर सिर्फ सिटिंग अरेजमेंट बदला गया है। साथ ही रेस्टोरेंट के परिसर में गार्डन और गेम जोन अलग से बनाए हैं। किचिन व लैटबॉथ नीचे बनाए हैं। इसे तैयार करने में करीब 3 करोड़ रुपए का खर्चा आया।
आइडिया सूझा और फिर काम कराया
यह यूनिट आइडिया कब, कैसे और कहां से आया?, के जवाब में CEO सैनी पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं कि उनका जयपुर में पहले से ही रेस्टोरेंट संचालित है। यह 3 साल पहले ही शुरू किया है। जयपुर के ही मेरे मित्रों ने रेस्टोरेंट को लेकर कुछ यूनिक करने का सुझाव दिया, जिसके बाद यह आइडिया सूझा और फिर Unique Restaurant पर काम कराया।
300 से 400 लोग आते हैं रोज
पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत में एरोप्लेन रेस्टोरेंट के MD राकेश सैनी बताते हैं कि इस एयरकंडीशंड Unique Restaurant में 85 लोग एक साथ बैठकर खाना खा सकते हैं। यहां 300 से 400 लोग रोज आते हैं। शनिवार-रविवार और अन्य छुट्टियों के दिनों में आने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। इनमें ज्यादातर फैमिली होती हैं।
दर्शनार्थियों की संख्या ज्यादा
इसका कारण है कि यहां उनके लिए शांतप्रिय जगह मिलती है और परिवार के साथ बैठकर सुकून से खाना खाते हैं। एरोप्लेन Unique Restaurant पर पहुंचने वालों में राजस्थान के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश के लोग ज्यादा होते हैं। इनमें उनकी संख्या अधिक होती है, जो खाटूश्याम बाबा के मंदिर में दर्शन करने आते हैं।
कई की इच्छा तो कई का सपना हो रहा पूरा
आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का प्लेन का बैठने का सपना होता है, लेकिन कई कारणों से ज्यादातर का सपना पूरा नहीं हो पाता है। ऐसे लोग भी Unique Restaurant पहुंचकर अपना सपना साकार कर रहे हैं। कई ऐसे लोग भी आते हैं, जिनकी इच्छा होती है कि कभी एरोप्लेन में बैठकर खाना खाया जाए। यहां आकर उनकी भी इच्छा पूरी हो जाती है।
सेल्फी प्वाइंट के साथ बना प्री वैडिंग शूटिंग स्थल
खाटूश्याम मंदिर के तोरण द्वार से 2 किलोमीटर पहले रींगस रोड बना एरोप्लेन Unique Restaurant अब लोगों के लिए सेल्फी प्वाइंट भी बना हुआ है। यहां एरोप्लेन के साथ लोग खुद का वीडियो भी बनाते हैं। प्री वैडिंग शूटिंग स्थल के रूप में भी एरोप्लेन रेस्टोरेंट लोगों को खूब पसंद आ रहा है। स्कूलों के बच्चे और कम्पनियों के कर्मचारियों के दल आते रहते हैं। लोग अपना जन्म दिन व शादी की वर्षगांठ भी यहां आकर सेलिब्रेट करते हैं।
राजस्थानी कल्चर को कर रहे प्रमोट
पॉजिटिव कनेक्ट से चर्चा के दौरान एरोप्लेन Unique Restaurant के CEO भूषण सैनी बताते हैं कि वे राजस्थानी कल्चर को प्रमोट कर रहे हैं। इसलिए यहां राजस्थान की प्रसिद्ध थाली व दाल-बाटी-चूरमा भी बनाया जाता है। Unique Restaurant में केवल वेज खाना ही मिलता है। यहां आने का समय सुबह 8 बजे से रात साढ़े 11 बजे तक रहता है।
भीड़ रोकने का माध्यम
यहां 50 रुपए एंट्री फीस लेने के कारण के बारे में वे बताते हैं कि यह कोई उनकी कमाई का जरिया नहीं, बल्कि अनावश्यक भीड़ को यहां आने से रोकने का माध्यम है। वे बताते हैं कि इंडिया में कई जगह पहले से ऐसे रेस्टोरेंट बने हुए हैं, लेकिन राजस्थान में बना यह पहला एरोप्लेन Unique Restaurant है और पिछले 3 साल में भी कोई दूसरा नहीं बना है। वे बताते हैं कि रेस्टोरेंट बिजनेस शानदार चल रहा है और अच्छा कमा भी लेते हैं।
