By – राजेश खण्डेलवाल
13 September 2025
टीचर दुर्गाराम मुवाल (Teacher Durgaram Muwal) ऐसे हैं, जिनकी मदद राजस्थान पुलिस ने भी ली। चौंकिए नहीं, यह सच है। ये अभी तक 2000 से ज्यादा बच्चों को बालश्रम व तस्करों से मुक्त करा चुके हैं। पुलिस ने इनकी यह मदद बालश्रम एवं बाल तस्करी रोकने के लिए ली। इसके लिए वर्ष 2023 में बाकायदा इनकी 6 माह के प्रतिनियुक्ति की गई। इस दौरान इन्होंने 100 बच्चों को मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उदयपुर पुलिस अब भी इनकी मदद लेती रहती है। मुवाल प्रतिवर्ष अपने वेतन का अधिकांश हिस्सा जरुरतमंद बच्चों पर खर्च करते हैं।
Teacher Durgaram Muwal को 2022 में मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरुस्कार
उदयपुर (राजस्थान)। Teacher Durgaram Muwal का जीवन पिछले 16 वर्ष से राजस्थान के उदयपुर संभाग के आदिवासी व पिछड़े वर्ग के उत्थान व कल्याण के लिए समर्पित है। इनका नाम सुनते ही बालश्रम कराने वाले और बालकों की तस्करी करने वालों के पसीने छूटने लगते हैं। नतीजन, बिना किसी कानूनी कार्रवाई के जागरूकता व प्रेरणा के माध्यम से उदयपुर में कार्यरत Teacher Durgaram Muwal ने 2000 से ज्यादा बच्चों को बालश्रम एवं बाल तस्करी से मुक्त कराया है। इसके लिए इन्हें वर्ष 2022 में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला।
अब हालात ऐसे हैं कि उदयपुर के आदिवासी अंचल से बच्चों को ले जाने वाले तस्कर इनका (Teacher Durgaram Muwal) नाम सुनते ही बच्चों को वापस घर छोड़ जाते हैं। इसी कारण आदिवासी लोग इन्हें अपना मसीहा मानते हैं तो शिक्षा विभाग में इनको रॉबिन हुड के नाम से जाना-पहचाना जाता हैं।
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नौकरी लगने के एक माह बाद की शुरूआत
पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत के दौरान मूलत: डेगाना (नागौर) निवासी शिक्षक दुर्गाराम मुवाल बताते हैं कि वर्ष 2008 में मेरी (Teacher Durgaram Muwal) सरकारी शिक्षक के रूप में उदयपुर जिले के फलासिया ब्लॉक के गांव पारगियापाड़ा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में नियुक्ति हुई।
इस दौरान देखा गया कि आदिवासी कई बच्चों को बालश्रम के नाम पर ले जाकर बेच दिया जाता तो लड़कियों को गलत धंधों में धकेल दिया जाता था। इन बच्चों के लिए जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा था, जो मुझे (टीचर दुर्गाराम मुवाल) कचोटता था। एक माह बाद ही मैंने इनके लिए कुछ करने की शुरूआत की।
जान का खतरा पर नहीं हारी हिम्मत
सरकारी शिक्षक दुर्गाराम मुवाल (Teacher Durgaram Muwal) के लिए यह काम आसान नहीं था। कदम-कदम पर जोखिम ही नहीं, जान का खतरा भी था, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। उस समय को याद करते हुए Teacher Durgaram Muwal पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं कि बाल तस्करों से कई बार आमने-सामने भिडं़त हुई। 20 से ज्यादा बार जानेलवा हमले हुए, जिनके घाव के निशान आज भी मेरे शरीर पर मौजूद हैं। दो बार मेरा पैर टूट गया और एक बार लोहे का सरिया सिर में घुस गया।
बच्चों का पुनर्वास, शिक्षा से जोड़ा
पॉजिटिव कनेक्ट से चर्चा के दौरान Teacher Durgaram Muwal कहते हैं, अब तक 2 हजार से ज्यादा बालक-बालिकाओं को राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं आंध्रप्रदेश से बालश्रम एवं बाल तस्करों से मुक्त कराया है। इतना ही नहीं, इनका पुनर्वास करके शिक्षा से जोड़ा और समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया।
हाल ही का एक किस्सा सुनाते हुए शिक्षक दुर्गाराम मुवाल कहते हैं, कोटड़ा के तीन बच्चों को उनके पिता ने तस्करों को लीज पर दे दिया, जिन्हें छुड़वाने के लिए मैं अकेला ही गुजरात के हिम्मतनगर पहुंचा और तस्करों से बच्चों को मुक्त कराने का प्रयास किया तो तस्करों ने मुझे मारने के इरादे से घेरने की कोशिश की, लेकिन अपने दम पर तस्करों का मुकाबला किया और एक बच्चे को छुड़ाने में कामयाब भी हुआ। बच्चे को गुजरात से अपने साथ राजस्थान लाया और उसका आवासीय स्कूल में दाखिला कराया।
मुवाल का मोबाइल ही हेल्पलाइन नम्बर
बातचीत में पॉजिटिव कनेक्ट को वे (Teacher Durgaram Muwal) बताते हैं कि मुसीबत में फंसे बच्चों की सहायता के लिए मैं 24 घंटे तत्पर रहता हूं। मेरा मोबाइल ऐसे बच्चों के लिए हेल्पलाइन नम्बर हैं। किसी भी समय फोन या मैसेज मिलते ही बिना कुछ सोचे तत्काल ऐसे बच्चों की सहायता के लिए निकल पड़ता हूं।
टीचर दुर्गाराम मुवाल को ये मिले सम्मान
वर्ष सम्मान
2022 संभाग स्तरीय पुलिस सम्मान
2022 राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
2022 नाना भाई खांट शिक्षक गौरव पुरस्कार
अन्य स्कूलों में करते हैं मदद
जिन स्कूलों में बच्चे स्कूल से नहीं जुड़ पाते हैं या बालश्रम के लिए चले जाते हैं, उन स्कूलों में जाकर ऐसे बच्चों को स्कूल से जोडऩे में मदद करते हैं। अन्य स्कूल भी अनामांकित व ड्रापआउट बच्चों को स्कूल से जोडऩे के लिए शिक्षक दुर्गाराम की मदद लेते है। Teacher Durgaram Muwal पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं कि मैं बच्चों को पढ़ाने के मूल कर्तव्य के अलावा आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा व अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम करता हूं।
परीक्षा परिणाम हमेशा शत-प्रतिशत
Teacher Durgaram Muwal फिलहाल उदयपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (रेलवे ट्रेनिंग) में कार्यरत हैं। वे अपने शैक्षणिक कार्य को भी इतनी जिम्मेदारी के साथ निभाते हैं कि इनका परीक्षा परिणाम हमेशा शत-प्रतिशत रहता हैं। विद्यालय अनुशासन व प्रबन्धन में इनका खासा योगदान रहता हैं। टीचर दुर्गाराम मुवाल का कार्य करने के तरीका इतना बेहतर है कि अभिभावक व बच्चे इन पर पूरा भरोसा करते हैं।
