By – राजेश खण्डेलवाल
08 September 2025
Teacher Deepak Joshi ने विज्ञान के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य किए हैं। शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने के साथ-साथ उन्होंने कई नवाचार किए, जिनके लिए उन्हें पहले राष्ट्रपति से नेशनल टीचर अवार्ड 2021 और फिर ग्लोबल टीचर अवार्ड 2023 से सम्मानित किया गया। Teacher Deepak Joshi ने 111 कॉन्सेप्ट्स ऑफ साइंस नामक पुस्तक का लेखन किया, जिसे वे 500 से ज्यादा सरकारी शिक्षक साथियों को नि:शुल्क बांट चुके हैं। विज्ञान के प्रति समर्पित राजस्थान के बीकानेर के Teacher Deepak Joshi की प्रेरक कहानी, जिन्होंने बच्चों की खातिर शिक्षा पर अपनी जेब से 10 लाख रुपए खर्च किए।
Teacher Deepak Joshi ने बच्चों की खातिर जेब से खर्चे 10 लाख रुपए
बीकानेर (राजस्थान)। Teacher Deepak Joshi का मानना है, मैं शिक्षक हूं और आजीवन शिक्षार्थी बने रहने के लिए प्रतिबद्ध भी। स्वामी विवेकानंद के साथ ही अपने विद्यार्थियों से भी मुझे सदैव प्रेरणा मिलती रहती है।
राजस्थान में बीकानेर के Teacher Deepak Joshi को ग्लोबल टीचर अवार्ड 2023 मिला। इससे पहले वर्ष 2021 में राष्ट्रपति से नेशनल टीचर अवार्ड 2021 से सम्मानित जोशी ने विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इतना ही नहीं, इन्होंने शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने के साथ नवाचार भी खूब किए।
Teacher Deepak Joshi फिलहाल बीकानेर के नया शहर भीमनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) के साथ ही शाला इंचार्ज भी हैं। सैंकड़ों शिक्षकों के साथ ही हजारों बच्चों को इन्होंने ऑनलाइन व ऑफलाइन ट्रेंड किया है। 200 से ज्यादा बच्चों को विभिन्न स्कॉलरशिप भी दिलाई।
पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम भी इनके (Teacher deepak joshi bikaner ) प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। अन्य शिक्षकों को वे सिर्फ इतना ही कहना चाहते हैं कि बच्चों और राष्ट्र हित में अच्छा करते रहना चाहिए। साथ ही शिक्षक समय के साथ खुद को अपडेट भी रखें।
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चुनौतियां खूब रहीं पर नहीं हारी हिम्मत
पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत में 42 वर्षीय Teacher Deepak Joshi कहते हैं, यह सब मेरे लिए इतना आसान नहीं था। चुनौतियां खूब रहीं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। ग्रामीण अंचल में शिक्षा के प्रति सजगता का अभाव सर्वाधिक खला तो खासकर ग्रामीणों को बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक करना मुश्किलभरा काम था।
वर्ष 2021 को याद करते हुए Teacher Deepak Joshi बताते हैं, बीकानेर शहर से करीब 4-5 किलोमीटर की दूरी पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, जेलवेल में मुझे संस्था प्रधान के रूप में नियुक्त किया गया। वहां पहुंचा तो स्कूल का भवन खण्डहर मिला।
सांप, बिच्छु निकलने का डर रहता
बच्चों का नामांकन भी ज्यादा नहीं था। स्कूल की बदहाली ऐसी कि सांप, बिच्छु निकलने का डर बना रहता। मेरे मात्र डेढ़ साल के कार्यकाल में स्कूल का कायाकल्प ही नहीं हुआ, बल्कि बच्चों का नामांकन भी बढकऱ पौने तीन सौ तक पहुंचा।
खुद के (Teacher Deepak Joshi) खर्च, शाला स्टाफ और भामाशाहों की मदद से स्कूल में 50 लाख रुपए के विकास कार्य कराए। साथ ही कई नवाचार जैसे स्मार्टफोन बैंक, टॉय बैंक, मोरल बुक बैंक, स्टेशनरी बैंक, डिजिटल स्मार्ट एज्युकेशन आदि का सफल क्रियान्वयन किया।
कई अन्य सरकारी स्कूलों के भौतिक और शैक्षणिक विकास के लिए भामाशाहों से अब तक लगभग 100 लाख रुपए के विकास कार्य करवाएं हैं। Teacher जोशी खुद भी करीब 10 लाख रुपए व्यय कर चुके हैं।
| Positive Teacher दीपक जोशी को ये मिले सम्मान | |
|---|---|
| वर्ष | सम्मान |
| 2017 | जिला प्रशासन सम्मान |
| 2017 | जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान |
| 2018 | संभाग स्तरीय शिक्षक सम्मान |
| 2019 | ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सम्मान |
| 2020 | बीकानेर नगर निगम सम्मान |
| 2021 | राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार |
| 2022 | राजस्थान पत्रिका यूथ आईकॉन अवॉर्ड |
| 2023 | रोटरी क्लब नेशन बिल्डर्स अवॉर्ड |
| 2023 | ग्लोबल टीचर अवार्ड |
| 2024 | स्व. श्री तेजकरण डांडिया राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार |
तैयार किए 42 नवाचारी वर्किंग मॉडल
बीकानेर निवासी Teacher Deepak Joshi पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं कि विद्यार्थियों के साथ मिलकर सामुदायिक हित में 42 नवाचारी वर्किंग मॉडल तैयार किए। इनमें से 20 को नेशनल इंस्पायर अवार्ड मानक प्राप्त हुआ और 22 राज्य स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिताओं के लिए चयनित हुए, जिनमें से 4 मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए।
संसाधनविहीन बच्चों को ऐसे जोड़ा
अपने 12 वर्ष के सेवाकाल को याद करते हुए Teacher Deepak Joshi पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं, सैकड़ों जरूरतमंद व संसाधनविहीन वर्ग के बच्चों को समुदाय, झुग्गी झोपड़ी, दुर्गम व पिछड़े क्षेत्रों में सतत संपर्क कर सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा से जोड़ा।
वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार में प्राप्त राशि और शाला स्टाफ के सहयोग से स्मार्टफोन बैंक तैयार कर 72 बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए नि:शुल्क स्मार्टफोन उपलब्ध करवाए।
22 सरकारी स्कूलों में बनाई स्मार्ट डिजिटल
Teacher Deepak Joshi कहते हैं, एक अनूठी मुहिम के तहत स्वयं के खर्च और भामाशाहों के सहयोग से अब तक बीकानेर जिले के 22 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट डिजिटल क्लास बनाई हैं। इसमें हर प्रति स्कूल 10 से 15 हजार रुपए खर्च हुए। साथ ही स्मार्ट डिजिटल क्लास शुरू करने के लिए मात्र 800 रुपए के स्मार्ट बजट से प्रोजेक्टर तैयार किया।
आपदा को अवसर में ऐसे बदला
पॉजिटिव कनेक्ट से चर्चा के दौरान Teacher Deepak Joshi बताते हैं, कोरोना जैसी आपदा को भी मैंने अवसर में बदलते हुए विद्यार्थियों की शिक्षा को नियमित बनाए रखने के लिए वी4यू भारत नाम से यूट्यूब चैनल बनाकर करीब सवा सौ नि:शुल्क ई-कंटेंट अपलोड किए, जिनसे हजारों विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
Teacher Deepak Joshi का कहना है कि उन्होंने विद्यार्थियों व भामाशाहों की मदद से गतिविधि आधारित शिक्षण केंद्रित अभिनव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण और प्रभावी विज्ञान शिक्षण के लिए कई मितव्ययी टीचिंग लर्निंग मेटेरियल तैयार किए।
मेंटर की भूमिका भी बखूबी निभाई
सरकारी स्कूलों के जरूरतमंद मेधावी विद्यार्थियों के डॉक्टर-इंजीनियर बनने के सपने को साकार करने के लिए Teacher Deepak Joshi ने मेंटर की भूमिका भी बखूबी निभाई।
सरकारी स्कूलों के सैकड़ों जरूरतमंद व संसाधन विहीन विद्यार्थियों को बीकानेर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों से आईआईटी-नीट की तैयारी के लिए स्कॉलरशिप प्राप्त करने में प्रेरक, सहायक और मेंटर के रूप में खड़े नजर आए। पॉजिटिव कनेक्ट को Teacher Deepak Joshi बताते हैं, कई विद्यार्थी डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना साकार कर चुके हैं।
24 सरकारी स्कूलों में बनवाई टॉयबैंक
Teacher Deepak Joshiपॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं, प्राइमरी स्कूलों में जोयफूल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए अंत्योदय फाउंडेशन मुम्बई व रायजन इंटरनेशनल स्कूल के सहयोग से 24 सरकारी स्कूलों में टॉय बैंक बनवाई। विद्यार्थियों के नैतिक उत्थान, उनकी प्रेरणा और उनमें राष्ट्रीयता के विकास के लिए 10 राजकीय विद्यालयों में नवाचार के रूप में मोरल बुक बैंक की शुरुआत उन्होंने खुद की।
साथी शिक्षकों को भी किया प्रशिक्षित
Teacher Deepak Joshi ने अपने साथी शिक्षकों को समय-समय पर ऑनलाइन एज्युकेशन, वर्चुअल एज्युकेशन, डिजिटल एज्युकेशन, लर्निंग बाई डूइंग, साइंस लैब एक्सपेरिमेंट, इंस्पायर अवार्ड आदि का प्रशिक्षण दिया। इनका निरंतर उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणाम और विद्यालय नामांकन वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान रहा है।
तैयार की मितव्ययी नवाचारी विज्ञान किट
Positive Teacher Deepak Joshi ने लर्निंग बाई डूइंग, दैनिक जीवन से विज्ञान, कबाड़ से जुगाड सिद्धांतों पर आधारित मितव्ययी नवाचारी विज्ञान किट तैयार की, जिसकी सहायता से कक्षा 6 से 10 एनसीईआरटी विज्ञान पाठ्यक्रम के विभिन्न जटिल टॉपिक से संबंधित 125 से अधिक मितव्ययी विज्ञान प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान विषय का सरल और व्यावहारिक शिक्षण अधिगम करवाया जा सकता है। यह विज्ञान किट मात्र 2 से ढाई हजार रुपए में तैयार होती है।
नेशनल मेंटोर की मिली जिम्मेदारी
एनसीटीई दिल्ली के एनएमएम प्रोग्राम के तहत इन्हें इसी साल नेशनल मेंटोर की जिम्मेदारी मिली। इससे इन्हें देश भर के शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और अपने अनुभव सांझा करने का अवसर मिला।
इन्होंने अनेक निजी और सरकारी संस्थानों में कई शैक्षिक, सहशैक्षिक और प्रेरक सेशन दिए हैं, जो विज्ञान में नवाचारों, नवीन तकनीकी शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण, व्यावहारिक शिक्षण और नैतिक व प्रेरक शिक्षा से संबंधित हैं, जो निरंतर जारी हैं।
111 कॉन्सेप्ट्स ऑफ साइंस पुस्तक का लेखन
Teacher Deepak Joshi ने गतिविधि आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम, दैनिक जीवन व प्रकृति की सहायता से विज्ञान शिक्षण अधिगम पर आधारित एक नवाचारी पुस्तक (111 कॉन्सेप्ट्स ऑफ साइंस) का लेखन किया है, जिसे राजकीय शिक्षक साथियों को नि:शुल्क उपलब्ध करा रहे हैं।
