By – राजेश खण्डेलवाल
12 November 2025
Naina Rathore ने पिछले 4 साल में बागवानी से अपने घर के गार्डन को आर्ट गैलरी जैसा बनाया, जिससे उनका तनाव भी खत्म हो गया। राजस्थान में चित्तौडगढ़़ की नैना राठौड़ के इस काम में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही।
Naina Rathore बोलीं, स्ट्रेस फ्री रहना है तो बागवानी से अच्छा कुछ नहीं
चित्तौडगढ़़ (राजस्थान)। जिदंगी को स्ट्रेस फ्री बनाना है तो बागवानी से अच्छा कुछ नहीं हो सकता। यह कहना है राजस्थान में चित्तौडगढ़़ की Naina Rathore का, जो पिछले 4 साल से बागवानी कर रही हैं।
उनका मानना है कि बागवानी ही एकमात्र ऐसा जरिया है, जो बिना दवाइयों के भी आपके शारीरिक और मानसिक कष्टों को दूर करती है और आपको दुनिया के खास इंसानों में शामिल करती है।
Naina Rathore ने पॉजिटिव कनेक्ट को बताया कि उनके दुख को भी बागवानी ने ही कम किया और बागवानी की बदौलत ही लोग अब उन्हें जानने और पहचानने लगे हैं। वे अपने दिन का सबसे अच्छा वक्त पौधों के बीच बिताती हैं। पौधों से पर्यावरण संरक्षित रहता है और प्रदूषण की रोकथाम में भी पौधे मददगार होते हैं।
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शौक और जुनून में नहीं होती थकान
Naina Rathore का कहना है कि पिता किसान रहे, इसलिए उन्हें बचपन से ही बागवानी का शौक रहा, लेकिन कम उम्र में गृहस्थी की जिम्मेदारी के कारण समय का अभाव रहा। उन्हें इस काम में कभी थकान नहीं होती है। उनकी सलाह है कि गृहणियों को बागवानी जरूर करनी चाहिए। इससे आपको चारों तरफ सिर्फ प्यार दिखेगा। आज इसी शौक की बदौलत दूरदराज में उनको पहचान मिली है।
कम बजट में करती हैं बागवानी
बागवानी प्रेमी Naina Rathore का कहना है कि बागवानी एक सस्ता सौदा है। मैं घर के डिब्बों, बोतलों में ही पौधा उगाती हूं। गोबर की खाद का उपयोग करती हूं। वे चाहती हैं कि जैसे हम बच्चों को संस्कार सिखाते हैं, वैसे ही उन्हें बागवानी भी सिखाएं। उनके गार्डन में फिलहाल कैला, अमरूद, चमेली, गुलदाउदी, पिटूनिया, सदाबहार जैसे फल व फूल के पौधे लगे हैं।
सोशल मीडिया रही बड़ी भूमिका
Naina Rathore बताती हैं, ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर रील देखकर अपना समय बर्बाद करते रहते हैं, लेकिन मुझे पहचान दिलाने और तनावमुक्त बनाने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही है। तनाव हर इंसान को तोड़ देता है तो मैं कहां अछूती रह सकती थी।
वीडियो देखते-देखते आइडिया आया
कोरोना में घर-परिवार और रिश्तेदारी में हुए कई हादसों ने मुझे विचलित कर दिया, जिससे मैं तनावग्रस्त रहने लगी। एक दिन मोबाइल पर वीडियो देखते-देखते आइडिया आया और जुट गई पुराने शौक को पूरा करने में। Naina Rathore ने पॉजिटिव कनेक्ट को बताया।
कबाड़ से जुगाड़ बनाने पर काम किया
बगिया प्रेमी Naina Rathore बताती हैं कि वर्ष 2022 में जिस मकान में गार्डन बनाया, वह बड़ा और खुला-खुला है। यह गांधीनगर सेक्टर-2 में है, जहां कबाड़ से जुगाड़ बनाने के सिद्धांत पर काम किया।
घर-गार्डन को बनाया आर्ट गैलरी जैसा
अनुपयोगी कबाड़ का उपयोग कर घर और गार्डन को इस तरह सजाया कि वह आर्ट गैलरी से कम नहीं लगता है। बेकार पड़े डिब्बों को रंग-रोगन करके नया रूप दिया। हैङ्क्षगग प्लांटस बनाए, जिन्हें पर टांग दिया, जो खूबसूरत दिखते हैं।
बच्चों के लालन-पालन में बीतने लगा समय
चर्चा में पॉजिटिव कनेक्ट को Naina Rathore बताती हैं कि मेरे ससुर पृथ्वी सिंह और पति डूंगरसिंह दोनों ही पुलिस में हैं। शादी के कुछ साल बीए-बीएड की पढ़ाई में निकल गए। इसके बाद जुड़वा बच्चों के लालन-पालन में समय बीतने लगा।
क्रिएटिविटी में लगाया ध्यान
Naina Rathore बताती हैं कि बच्चे 8 साल के हो गए थे तो सारा ध्यान क्रिएटिविटी में लगाना उचित समझा। डिब्बों पर अलग-अलग तरह के एक्सप्रेशन वाले चेहरे बनाना पसंद आने लगा। पुराने टायर, जूते, डिब्बे, कुल्हड़, करवे, पुराना स्टोव, कप-प्लेट, साइकिल को क्रिएटिव लुक दिया।
पड़ौसी की पुरानी साइकिल का ऐसे किया सदुपयोग
पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत के दौरान बगिया प्रेमी Naina Rathore बताती हैं कि एक दिन पड़ौसी बच्चे की पुरानी साइकिल को भंगार में बेच रहे थे, जिसे ले लिया और साइकिल का भी गार्डन में उपयोग किया। कार के टायर खराब होने पर उसे भी गार्डन के लिए यूज कर लिया।
फैंकने के बजाए यूज करें पुरानी चीजें
Naina Rathore का मानना है कि जो भी चीज यूज हो सकती है, उसे फैंकने के बजाए काम में लिया जाना चाहिए। प्लास्टिक के डिब्बों को फैंकने के बजाए अच्छा है कि इनमें प्लांट लगा दिए जाएं।
गार्डन में बनाया मिनी फाउंटेन
बगिया प्रेमी Naina Rathore ने घर के गार्डन में एक मिनी फाउंटेन भी बनाया। इसमें करवे, कुल्हड़, बोतल, पाइप जैसी चीजों का इस्तेमाल किया। बाहर से एक छोटी मोटर लाकर जोडऩे के बाद फाउंटेन तैयार किया।
जिला प्रशासन ने किया सम्मानित
Naina Rathore पॉजिटिव कनेक्ट को बताती हैं, कुछ करने की चाह हो तो घर में रहकर भी बेहतर किया जा सकता है। मेरे काम को जिला प्रशासन के साथ नगर परिषद ने भी सराहा और सम्मानित किया।
बगिया प्रेमी Naina Rathore की बागवानी को सोशल मीडिया पर भी लोगों का खूब प्यार मिल रहा है। यूटयूब पर उनके 35 हजार से ज्यादा तो इंस्टग्राम पर 17 हजार से ज्यादा फोलोअर हैं।
