By – राजेश खण्डेलवाल
6 October 2025
राजस्थान में 6 दोस्तों ने अनूठी पहल करते हुए बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) की स्थापना की है, जो ना केवल सराहनीय है, बल्कि अनुकरणीय भी है। भरतपुर के 6 दोस्तों की यह अनूठी पहल (Anuthi Pahal) पर्यावरण संरक्षण (Environmental Conservation) में मददगार बनेगी तो आमजन को भी सहुलियत प्रदान करेगी।
शादी-समारोह के लिए यहां मिलते हैं फ्री में बर्तन
भरतपुर (राजस्थान)। राजस्थान में भरतपुर शहर के 6 दोस्तों ने मिलकर Anuthi Pahal करते हुए बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) बनाई है, जिससे शादी-विवाह समारोह के साथ ही अन्य कार्यक्रमों के लिए स्टील के बर्तन नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। फिलहाल इन बर्तनों में थाली, कटोरी, गिलास, चम्मच और नाश्ता प्लेट आदि शामिल हैं।
शादी-विवाह समारोह में डिस्पोजल आइटम जैसे प्लास्टिक की कटोरी, गिलास, प्लेट आदि पर बड़ा खर्चा होता है और उससे भी ज्यादा पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या पैदा हो रही है। भरतपुर शहर के 6 दोस्तों ने मिलकर इससे निजात दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए Brij Utensil Bank की Anuthi Pahal की है।
पर्यावरण को सुरक्षित व संरक्षित करने के मकसद से भरतपुर में शुरू की गई Anuthi Pahal के तहत खोले गए बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) के पास फिलहाल स्टेनलेस स्टील के 250 सैट हैं, जिन्हें पहले आओ, पहले पाओ की वरीयता के आधार पर लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
- Jagram Gurjar 3 दशक के संघर्ष से संगठन बनाने तक की कहानी
- Sushila दे रही अखबार की कतरनों से 50 महिलाओं को रोजगार
- Best Positive News Stories in Rajasthan-Positive Connect
- Naina Rathore : 4 साल में बागवानी से मिली पहचान, तनाव खत्म
- Free Teaching : अलवर में सीमा मेहता बनी 300 बच्चों की मददगार
- Pink Yam Farming से आप ऐसे कमा सकते हो 2 लाख रुपए बीघा
- Israeli Kanak से राजस्थान के इस किसान की ऐसे हुई 2 गुणा कमाई
- Brij Utensil Bank: राजस्थान में यहां 6 दोस्तों की अनूठी पहल
- Geeta Kumari ने राजस्थान यहां और इसलिए कराई 3 बीघा भूमि दान
- Rajesh Lawania : 500 सरकारी स्कूलों में बदलाव के नायक
- Principal Neelam Yadav को मिला नेशनल टीचर अवार्ड 2025
- Okra Cultivation से राजस्थान के इस गांव को मिली नई पहचान
- Teacher Durgaram Muwal ने यहां कराया 2000 बच्चों को मुक्त
- Teacher Sunita Gulati: 2022 में अर्जित किया राष्ट्रीय सम्मान
- Teacher Deepak Joshi बीकानेर को 2023 में मिला ग्लोबल अवार्ड
- Hockey in Hanumangarh: ‘इन्होंने’ ऐसे बढ़ाई साख
- Green Chilli Cultivation: यहां 2 करोड़़ से ज्यादा की पैदावार
- Pad Woman Bharti : 5000 गरीब महिलाओं को बना रही आत्मनिर्भर
- Imran Khan Alwar : ग्लोबल टीचर प्राइज 2024 में शार्टलिस्ट
- Orphanage अब ‘इनका’ घर-परिवार, भरतपुर में 2020 में यहां खुला
- Sampoorna Shiksha : 5 प्रोजेक्टों से बाल विकास की वाहक
- Tara Sansthan: वृद्धाश्रमों में ऐसा आनंद ले रहे 300 बुजुर्ग
- WhatsApp Group से नेक काम, भरतपुर बीट्स से 271 युवा जुड़े
- Anganwadi Worker अनिता को यूं मिला 2024 में राष्ट्रीय सम्मान
- Teacher Priyanka: इस सरकारी स्कूल का नामांकन ऐसे किया 2 गुणा
- Prashant pal : 4700 महिलाओं को सशक्त बनाने की प्रेरक कहानी
- Menstruation Aware: यहां 55 फीसदी महिलाएं यूज करती ये पैड्स
- Watermelon Cultivation: 20 बीघे में नवकिरण से तेजवीर निहाल
- Government School बना 3 साल में बदहाली से आदर्श
- Teamwork से अलवर का यह स्कूल भवन 3 साल में बना आकर्षक
- Madhu Charan वर्ष 2019 से लड़ रही महिलाओं के हक की लड़ाई
- Schoolgirls का आत्मविश्वास बढ़ा रही यह ड्रेस, बनाए 3 ग्रुप
- Teacher Maya Khichar ऐसे बनी मजबूत, 2 मौंतों का दर्द झेला
- Right Guidance: मेवात में कोमल की 3 साल में ऐसे बदली जिंदगी
- Mewat Daughters बनीं आत्मनिर्भर, शिक्षा पाने को चलीं 10 किमी
- Girls Education : मजदूरी से फीस जुटा कॉलेज पहुंची 12 स्टूडेंट
- Mewat Woman : शादी बाद फिर पढ़ाई, 10 वीं-12वीं पास की
- Illiteracy in Mewat : 2 दशक से दाग मिटा रही मुस्लिम बेटियां
- Uneducated Jummi : 14 साल का संघर्ष, बेटी को ऐसे बनाया जेईएन
- yoga से सेहत की संजीवनी ऐसे बांट रहे 70 वर्षीय ऋषिकेश
- Girl Education मेवात में बढ़ावा दे रहे 53 साल के नूर मोहम्मद
- Unique Restaurant देखने का क्रेज ज्यादा, लागत 3 करोड़
- कभी मौत का दूसरा नाम था AIDS, अब कम हो रही बीमारी
- Digital Library बढ़ा रही 13 स्कूल में बच्चों का आत्मविश्वास
- Suratgarh CHC की डॉक्टर्स ने ऐसे बदली दशा, ओपीडी हुई 15 सौ
- Relief Disabled : पाली में स्वावलंबन फाउंडेशन की अभिनव पहल
- Plantation: बेटी की बीमारी से बदल गई 40 वर्षीय डाक्टर की सोच
- Forbes Magazine : 10 उद्यमियों में भरतपुर के Dr. Naveen Parashar
- Free Education : पैरों से लिखता राजस्थान का 34 वर्षीय कृष्णा
- Helicopter Ride 75 वर्षीय दादी को निजी हेलीकॉप्टर में घुमाया
- Manish Kumar Sunari हेलीकॉप्टर कम्पनी बना दे रहे 80 को नौकरी
- इस देश का Education System सर्वाधिक दबावभरा
- इस देश का Education System दुनिया में सबसे श्रेष्ठ
- IT Jobs Rajasthan : जैनेन्द्र दे रहे 200 युवाओं को रोजगार
- Classical Music के मुरीद यहां ग्रामीण, फिल्मी गानों से परहेज
- Free Library: बच्चों को शिक्षा दे रहा 32 वर्षीय युवा समयसिंह
- Kavita Singh Bharatpur : 20 सालों से स्ट्रीट डॉग की मसीहा
- Specially Abled Children: संकेत संग 200 होनहार दिखा रहे हुनर
- Dragon Fruit की खेती करके आप भी इनकी तरह हो सकते हैं मालामाल
- Organic Farming : राजस्थान की 3 महिला किसानों की सफल कहानी
- Hitech Nursery : राजस्थान में इस किसान की ऐसे बढ़ी 4 गुणा आय
- knowledge enhancement program: विदेश में नया सीखेंगे युवा किसान
- Bargad Man Teacher: मनाते पौधों का बर्थडे, बांधते रक्षासूत्र
- Journalist Jyoti Sharma : 300 कहानियां लिखने से मिली पहचान
- Apnaghar Bharatpur: 6 हजार असहायों की सहारा बनीं बबीता दीदी
- Keoladeo National Park: घना घूमने वाले पर्यटकों को राहत
- Mustard : 6 उन्नत किस्में विकसित, बढ़ाएंगी उत्पादन और तेल
- Special Rescue Campaign: अपनाघर में ये खुश तो वे अपने घर में
- Mobile Veterinary Unit : पशु बीमार है तो घबराएं नहीं
- Special Childrens के अभिभावक राजस्थान में ऐसे हुए चिंतामुक्त
- Special Children Rajasthan : ‘इनके’ 12 बच्चों की बदली किस्मत
- Special Children : ‘इन्हें’ अनदेखा नहीं, ऐसे प्यार की है दरकार
- Bikaner Ki Pathani 5 साल की तब दोनों हाथ खोए, हिम्मत नहीं
- Mrityu Bhoj : कब मिलेगा ऐसी कुरीति से छुटकारा
- Viksit Bharat : जन भागीदारी से ही होगा सपना साकार
- World Smile Day तलाश शुद्ध मुस्कुराहट की!
- Nek Kamai Foundation ने किया 218 गरीब बेटियों का कन्यादान
- Dhannaram Nayak:राजस्थान में बाल विवाह के खिलाफ 2 दशक से जंग
- Dr Mahendrapal: राजस्थान में यहां 50 साल से कर रहे फ्री इलाज
- Kinnar Neetu Mausi ने राजस्थान में बसाया 130 बेटियों का घर
ऐसे हुई अनूठी पहल की शुरूआत
इस Anuthi Pahal की शुरुआत रवि जिंदल के प्रयासों से हुई। रवि मूलत: कुम्हेर के रहने वाले हैं, लेकिन उनके पिता दिनेश चंद जिंदल उत्तरांचल पॉवर कॉ-ओपरेशन लिमिटेड में सर्विस करते थे, इस कारण रवि की पढ़ाई-लिखाई नैनीताल में हुई, जो वर्ष 1996 में लौटकर भरतपुर आए।
पॉजिटिव कनेक्ट को बातचीत में रवि जिंदल बताते हैं कि उत्तराखंड में पर्यावरण को लेकर संवेदनशीलता अधिक है। रवि जब भी भरतपुर में विवाह समारोह में डिस्पोजल का ढेर और उससे उठती संड़ाध देखते तो बहुत पीड़ा होती थी।
वे कहते हैं कि इसलिए मैंने अपने मित्रों को उत्तराखण्ड में एक संस्था द्वारा चलाए गए हिमालियन बर्तन बैंक का विचार साझा किया और ऐसी ही Brij Utensil Bank खोलकर Anuthi Pahal भरतपुर में करने की बात कही। इस पर सभी दोस्त दिलीप गुप्ता, विशेष सिंघल, ब्रजेश अग्रवाल, नीरज गुप्ता और प्रमोद गोयल भी सहमत हो गए।
रवि जिंदल पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं कि हम सभी दोस्तों ने अनूठी पहल के तहत बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) के लिए आपसी सहयोग से 250 थाली सैट खरीदे। इनमें एक बड़ी थाली, 4 कटौरी, चम्मच और स्टील गिलास के अलावा 250 नाश्ता प्लेट, चम्मच और स्टील जग खरीदे। इन्हें कार्यक्रमों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इस तरह भरतपुर में बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) की विधिवत शुरूआत 28 सितम्बर, 2025 को किला स्थित हटीले वाले हनुमान मंदिर से की गई।
पॉजिटिव कनेक्ट से चर्चा के दौरान रवि जिंदल ने बताया कि उन्होंने ‘ पर्यावरण युक्त भरतपुर, डिस्पोजल मुक्त भरतपुर ’ टैग लाइन भी रखी है ताकि आमजन को इस Anuthi Pahal का उद्देश्य आसानी से समझ आ सके।
बर्तन बढ़ाने की योजना भी
भरतपुर में शुरू की गई इस Anuthi Pahal को लेकर पॉजिटिव कनेक्ट को अपना अनुभव साझा करते हुए रवि जिंदल बताते हैं कि Brij Utensil Bank में हर दिन कहीं न कहीं से बर्तनों की डिमांड आ रही है, लेकिन अभी हमारे पास बर्तन पर्याप्त नहीं है। इसका अहसास तब हुआ, जब दशहरा के दिन तीन जगह से बर्तनों की डिमांट आई, तो हमारे पास उपलब्ध 250 सैट कम पड़ गए। अब हम इनकी संख्या 1000 करना चाहते हैं।
Anuthi Pahal के तहत शुरूआती प्रयास यह है कि हम 6 दोस्त ही मिलकर इसे पूरा करें। हालांकि हमारे पास शहर से सहयोग के लिए लोगों के फोन खूब आ रहे हैं। लोगों ने चाहा तो फिर बाद में Brij Utensil Bank में बर्तनों के सैटों की संख्या को 2000 भी किया जाएगा।
वे बताते हैं कि दीपावली के त्योहार के कारण ब्रज अंचल में अन्नकूट प्रसादी की धूम रहती है। इसलिए आने वाले दिनों में Brij Utensil Bank का फोकस अन्नकूट प्रसादी के कार्यक्रमों से डिस्पोजल सामग्री को हटाकर स्टील के बर्तनों के उपयोग पर रहेगा।
मूल ध्येय डिस्पोजल से छुटकारा दिलाना
बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) से जुड़े दिलीप गुप्ता पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं कि Anuthi Pahal के तहत हमारी कोशिश आयोजनों में डिस्पोजल सामग्री से छुटकारा दिलाना है, क्योंकि पत्तल और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग अब बहुत कम हो गया है।
डिस्पोजल में ज्यादातर सामग्री प्लास्टिक की होती है, जो मानव स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होती है। शादियों में एक व्यक्ति के भोजन में औसतन 15 रुपए का डिस्पोज़ल सामग्री उपयोग में आती है, जो बाद में जल, अग्नि, आकाश, वायु और पृथ्वी सहित पशुओं व खेती को भी नुकसान पहुंचाती है।
हर कॉलोनी में हो ऐसा बर्तन बैंक
भरतपुर में प्रेम गार्डन के संचालक रोहित गोयल बताते हैं कि भरतपुर शहर में बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) की Anuthi Pahal है और यह युवाओं का अच्छा कदम है, जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण के फायदेमंद होगा। पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत में रोहित गोयल बताते हैं कि Anuthi Pahal के तहत ऐसे Brij Utensil Bank शहर की हर कॉलोनी में बनने चाहिए। पर्यावरण की स्वच्छता के लिए उन्होंने लोगों से डिस्पोजल को त्यागने की अपील की।
पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए अनूठी पहल
जसबंत विद्या भवन समिति के प्रबंधक डॉ. रजत आर्य ने बताया कि उन्होंने एक मोबाइल शॉप के उद्घाटन कार्यक्रम में ब्रज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) के बर्तनों का उपयोग किया। शहर में यह बहुत अच्छा काम हुआ है, जो पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम की दिशा में Anuthi Pahal है।
लोगों को भी इसका अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए और Anuthi Pahal के तहत खोले गए बृज बर्तन बैंक (Brij Utensil Bank) को बढ़ाने में सहयोग भी करना चाहिए। हालांकि अभी छोटी पहल है, जो निश्चित ही लोगों के सहयोग से बड़ी होगी। मैं खुद भी Brij Utensil Bank को अपेक्षित सहयोग करूंगा।
