Positive Connect

एक पहल

Principal Neelam Yadav को मिला नेशनल टीचर अवार्ड 2025

Principal Neelam Yadav

मेवात में बालिका शिक्षा को नई दिशा देने वाली प्रिंसिपल नीलम यादव (Principal Neelam Yadav) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2025 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। कभी घर से बाहर न निकलने वाली मेवात की बेटियां इनके समर्पण के कारण ही अब 12-13 किलोमीटर दूर से पढऩे आती हैं।

Principal Neelam Yadav

Principal Neelam Yadav बनीं बालिका शिक्षा में बदलाव की नायक

अलवर (राजस्थान)। मेवात में बेटियों को शिक्षा के लिए पहले घर से बाहर निकलने नहीं देते थे, जो किसी चुनौती से कम नहीं था, वहीं अब 12-13 किलोमीटर दूर से बच्चियां पढऩे आती हैं, जो बड़ी बात है। यह संभव हो सका है प्रिंसीपल नीलम यादव (Principal Neelam Yadav) के समर्पण, दूरदर्शिता और उनकी बेटियों के प्रति विश्वास से।

मेवात में बालिका शिक्षा के प्रति बदलाव की नायक Principal Neelam Yadav को वर्ष 2025 को नेशनल टीचर अवार्ड मिला है, जो उन्हें शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने प्रदान किया।

सम्मान गर्व की बात

राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर Principal Neelam Yadav का कहना है कि उनके लिए यह गर्व की बात है और इसके पीछे परिवार, स्कूल स्टॉफ, एसएमसी, एमडीएमसी, भूमि और संसाधन उपलब्ध कराने वाले भामाशाह हैं।

Principal Neelam Yadav

‘जो करें, उसमें परफेक्शन हो’

सम्मान पाना मुश्किल नहीं है। सम्मान को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। जो कर रहे हैं, उसमें परफेक्शन होना चाहिए। अभिभावक, विद्यार्थियों और स्टॉफ का विश्वास भी जरूरी है। प्रिंसीपल नीलम यादव (Principal Neelam Yadav) ने पॉजिटिव कनेक्ट को बताया। उनका कहना है, जुनून के साथ सभी जुट जाएं तो बदलाव लाने से कोई नहीं रोक सकता। शिक्षा से ही अपराध घटेगा और हर घर से बेटियां आगे बढ़ेंगी।

‘मन से करती हूं, ध्यान से करने को कहती हूं’

Principal Neelam Yadav पॉजिटिव कनेक्ट को बताती हैं कि मेरी विचाराधारा है, जो भी करती हूं, मन से करती हूं। जब कोई बच्चा घर से निकलता है तो मां कहती है, बेटा ध्यान से जाना। यही हमारा मूल मंत्र है। हम भी बच्चे को हर काम ध्यान से कराते हैं और उसे भी ध्यान, मन और लगन से काम करने को प्रेरित करते हैं।

Principal Neelam Yadav

ऐसे व्यक्त किए दिल के उद्गार

मस्त खिलाड़ी जीवन में शह-मात नहीं देखा करते
घडी-मर्हुत कौन देखें दिन-रात नहीं देखा करते
आग लगी हो जिसमें लाग लगी हो मंजिल पाने की
ऐसे चलने वाले रूककर कभी बांट नहीं देखा करते।।

अपने दिल के उद्गार Principal Neelam Yadav ने पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत के दौरान इस तरह व्यक्त किए। उनका कहना है कि संसाधन का रोना नहीं रोना, जो हमारे पास है, जो हम कर सकते हैं। उसे परफेक्शन के साथ पूरा करें।

बालिकाओं का योगदान महत्वपूर्ण

पॉजिटिव कनेक्ट से चर्चा के दौरान बालिकाओं के योगदान को याद करते हुए Principal Neelam Yadav कहती हैं, चार सालों में बालिकाओं ने स्कूल के अनेक शील्ड जीती हैं। उनकी व्यक्तिगत विजेता होने की शील्ड अलग से हैं। स्कूल को यह सम्मान बालिकाओं की बदोलत ही मिला है।

स्कूल में ऐसा माहौल पैदा करते हैं कि बच्चियों में स्वत: ही हौसला आने लगता है। 10 साल की बुलबुल भी राष्ट्रीय स्तर पर गोल्डन ऐरो अवार्ड ले चुकी हैं। तीन साल में 21 बेटियां गोल्डन ऐरो अवार्ड ले चुकी हैं।

Principal Neelam Yadav

बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया मान

Principal Neelam Yadav पॉजिटिव कनेक्ट को बताती हैं कि बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर घर-परिवार, स्कूल और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। राष्ट्रीय स्तर पर योग में ब्रांड एम्बेसेडर जानिस्ता, जम्बूरी में, स्काउटिंग में, एनएसएस में, 15 अगस्त की परेड में बेटी शिमरन, विज्ञान में फिजा बानो ने टॉप किया। आट्र्स की टॉपर बेटी शिमरन का डीयू के रिपुटेडेट कॉलेज में प्रवेश हुआ, दो साल पहले पढ़ाई छोडकऱ (ड्रॉपआउट) घर बैठी बेटी यूपीएससी की तैयारी में जुटी है। उसने स्कूल भी टॉप किया था।

बेटियां दो घरों की शान

बचपन से ही सिखाते हैं कि बेटियां दो घरों की शान होती हैं। हमारी संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करती हैं। प्रयास रहता है, उनमें परफेक्शन आए। शिक्षा हो, स्पोट्र्स हो, सांस्कृतिक व अन्य केरीकुलम गतिविधियां हों।

छात्रा तनिशा की ड्रॉइंग कनाडा की आर्ट गैलरी में प्रदर्शित

पॉजिटिव कनेक्ट से प्रिंसीपल नीलम यादव (Principal Neelam Yadav) कहती हैं, हर बच्चे में अलग प्रतिभा होती है। उसको पहचानना और आगे बढ़ाना जरूरी है। हमारे स्कूल की एक छात्रा पढ़ाई में ज्यादा अच्छी नहीं थी। उसके परिजन परेशान रहते थे।

इस छात्रा की ड्रॉइंग अच्छी थी। वह स्कूली प्रतियोगिता में अव्वल रहती थी। तनिशा नाम की इस बालिका की ड्रॉइंग को कनाडा की आर्ट गैलरी में लगाया गया।

ड्रॉप आउट छात्रा स्कूल की टॉपर बन गई

मेरा फोकस ड्रॉप आउट छात्राओं को फिर से शिक्षा से जोडऩे पर ज्यादा रहा। इसी का परिणाम रहा कि एक छात्रा, जो दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ घर बैठ गई थी, उसे फिर से शिक्षा से जोड़ा और आगे चलकर वह हमारे स्कूल की टॉपर छात्रा बन गई। Principal Neelam Yadav ने पॉजिटिव कनेक्ट को बताया।

Principal Neelam Yadav

मेवात की पहली महिला प्रिंसीपल

नेशनल टीचर अवार्ड 2025 प्राप्त करने वाली Principal Neelam Yadav मेवात की पहली महिला प्रधानाचार्या हैं, जो खैरथल-तिजारा जिले के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय टपूकड़ा में कार्यरत हैं। उन्हें यह सम्मान स्कूल में नामांकन बढ़ाने, नवाचार करने, बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने, स्कूल का कायाकल्प करने सहित अन्य बेहतर सेवाओं के लिए मिला।

Principal Neelam Yadav की पहली नियुक्ति वर्ष 1993 में शिक्षक के पद पर हुई। शुरुआत में दसवीं कक्षा के बच्चों को पढ़ाती थीं। वर्ष 2004 तक सैकंड ग्रेड शिक्षक पद पर रहते हुए विज्ञान विषय व वर्ष 2004 से 2015 तक अंग्रेजी विषय की शिक्षिका रहीं। वर्ष 2015 में प्रधानाचार्या बनीं।

Principal Neelam Yadav

4 साल में 2 गुणा बढ़ी छात्राएं

पॉजिटिव कनेक्ट को Principal Neelam Yadav बताती हैं कि कोरोना काल से पहले मेरा इस स्कूल में स्थानांतरण हुआ, तब इस स्कूल में छात्राओं की संख्या 622 थी। मैंने देखा कि मेवात में बेटियां पढऩा चाहती हैं, लेकिन परिजन उन्हें नहीं पढ़ाते। तब मैंने गांव-गांव जाकर परिजनों को समझाया और महज 4 साल में हमारे स्कूल में पढऩे वाली बेटियों की संख्या 1300 हो गई।

अब डिजिटल बोर्ड पर पढ़ते बच्चे 

स्कूल में इन बेटियों को शिक्षा की पूरी सुविधाएं मिलें, इसके लिए मैंने होण्डा कंपनी से संपर्क किया। फिर सीएसआर फंड से स्कूल में डिजिटल लैब और साइंस लैब स्थापित कराई। पहले जो छात्राएं कंप्यूटर चलाना तक नहीं जानती थीं, वे अब डिजिटल वर्क कर रही हैं। हमारे स्कूल में बच्चे अब डिजिटल बोर्ड पर पढ़ते हैं।

Principal Neelam Yadav

प्राइवेट स्कूल को मात देता भवन

Principal Neelam Yadav पॉजिटिव कनेक्ट को बताती हैं, पहले इस स्कूल भवन की हालत जर्जर थी। बच्चे बरामदे में बैठते थे। बारिश होने पर छतों से पानी टपकता था। स्कूल के अंदर भी पानी भर जाता था। मैंने एक निजी कंपनी (होण्डा), दानदाताओं व भामाशाहों की मदद से स्कूल को नया रूप दिया। आज स्कूल भवन किसी भी प्राइवेट स्कूल को मात देता है।

स्टाफ कम तो प्राइवेट शिक्षक लगाए

स्कूल में छात्राओं की संख्या बढ़ी, तो स्टाफ की कमी महसूस होने लगी। इस पर मैंने एक निजी कंपनी के सहयोग से प्राइवेट शिक्षक लगाए। इससे स्कूल का परिणाम शत-प्रतिशत हो गया। बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ते हैं। बैठने के लिए फर्नीचर है।

छात्राओं की खेलकूद, स्काउटिंग व एनएसएस की गतिविधियों में भागीदारी भी बढ़ाई। बातचीत के दौरान Principal Neelam Yadav ने पॉजिटिव कनेक्ट को बताया।

Principal Neelam Yadav

Principal Neelam Yadav को मिले सम्मान

राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय टपूकड़ा की Principal Neelam Yadav को मिले पुरस्कार व सम्मानों की लम्बी फेहरिस्त हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ ही अलग-अलग गतिविधियों में भी उन्हें सम्मानित किया गया। उनको मिले सम्मानों में प्रमुख निम्न हैं।

वर्ष                                    सम्मान

2025                                  नेशनल टीचर अवार्ड
2025                                  जिला प्रशासन से सम्मान
2024                                  जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान
2023                                  राष्ट्रीय जम्बूरी में योगदान
2022                                  सर्वश्रेष्ठ विद्यालय पुरस्कार

Related Story