By – हितेश भारद्वाज
17 January 2025
Global Teacher Prize 2024 के शीर्ष 50 की फाइनल सूची में राजस्थान के किसान के बेटे एप गुरु Imran Khan Alwar को स्थान मिला है, जो इस बार भारत से अकेले हैं। एक साधारण शिक्षक भी अपने दृढ़ निश्चय और नवाचारों से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकता है। इसे साबित किया है राजस्थान में App Guru Imran Khan Alwar ने। पढि़ए उनके जीवन व शैक्षिक सफर पर आधारित ग्रामीण शिक्षक से ग्लोबल शिक्षक बनने तक की प्रेरक कहानी…
सूची में Imran Khan Alwar भारत से अकेले
अलवर (राजस्थान)। Global Teacher Prize 2024 के शीर्ष 50 में शामिल होना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं वर्की फाउंडेशन को समाज में शिक्षकों की भूमिका को मान्यता देने के लिए धन्यवाद देता हूं। यह कहना है किसान के टीचर बेटे एप गुरु Imran Khan Alwar का।
पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत में App Guru Imran Khan Alwar कहते हैं, यह Global Teacher Prize इस बात का प्रमाण है कि शिक्षक समाज के भविष्य को आकार देने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं आगे भी इसी प्रकार छात्रों में रचनात्मकता और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करता रहूंगा।
App Guru Imran Khan को 1 मिलियन डॉलर के Global Teacher Prize 2024 के लिए शीर्ष 50 में शामिल किया है, जो इस बार भारत से अकेले शिक्षक हैं। इसके लिए 89 देशों से 5 हजार से अधिक नामांकन हुए। शीर्ष 10 फाइनलिस्टों की घोषणा जनवरी, 25 के अंत में की होगी और विजेता का चयन 11-13 फरवरी 2025 को दुबई में होने वाले वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में किया जाएगा।
यह है ग्लोबल टीचर प्राइज
Imran Khan Alwar बताते हैं कि Global Teacher Prize एक वार्षिक पुरस्कार है जो वर्की फाउंडेशन (Varkey Foundation) द्वारा ऐसे असाधारण शिक्षक को दिया जाता है, जिसने अपने छात्रों और समुदाय पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला हो। 2014 में स्थापित, इस पुरस्कार का उद्देश्य शिक्षकों के महत्व को उजागर करना और समाज में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देना है।
Imran Khan Alwar बताते हैं, इस पुरस्कार के साथ 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8.5 करोड़ रुपए) का नकद पुरस्कार दिया जाता है, जो इसे शिक्षा के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक बनाता है। अब तक भारत से केवल एक शिक्षक महाराष्ट्र के रणजीत दिसाले इस उपलब्धि (Global Teacher Prize 2020) को हासिल कर सके हैं।
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मुश्किलों भरा रहा एप गुरु का बचपन
बातचीत के दौरान राजस्थान के अलवर जिले में खारेड़ा गांव के साधारण किसान परिवार में जन्मे 45 वर्षीय Imran Khan पॉजिटिव कनेक्ट को बताते हैं, उनका बचपन मुश्किलों से भरा रहा। परिवार की आर्थिक मदद के लिए उन्होंने कक्षा 9 में ही बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया।
शिक्षा यात्रा का पहला कदम यह
Imran Khan Alwar की शिक्षा यात्रा का यह पहला कदम था। अपने प्राथमिक विद्यालय में संसाधनों की भारी कमी को देखते हुए Imran Khan Alwar ने ठान लिया कि वे अपने जीवन को शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए समर्पित करेंगे।
पॉजिटिव कनेक्ट से चर्चा करते हुए तीन बहनों के भाई App Guru Imran Khan Alwar बताते हैं, उनके पिता मरहूम हाजी सुलेमान खान किसान रहे हैं और मां असरफी गृहणी। इनका एक भाई प्रिंसिपल है व 2 भाई इंजीनियर हैं। एप गुरु की पत्नी कश्मीरी गृहणी, बड़ी बेटी सॉफ्टवेर इंजीनियर व छोटी बेटी वनस्थली विद्यापीठ से कानून की पढ़ाई कर रही है। इनका बेटा 10वीं कक्षा में है।
कक्षा से परे भी इमरान का काम
चर्चा के दौरान पॉजिटिव कनेक्ट को एप गुरु Imran Khan Alwar ने बताया, उन्होंने ग्रामीण स्कूलों की समस्याओं जैसे उच्च अनुपस्थिति दर, लिंग आधारित शैक्षिक असमानता और कमजोर बुनियादी ढांचे को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Imran Khan Alwar की पहल, जैसे मल्टी-ग्रेड कक्षाओं में सहपाठी शिक्षण पद्धति और समूह-आधारित प्रोजेक्ट लर्निंग ने छात्रों को अपनी शिक्षा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया।
लेट अस टॉक एजुकेशन
कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान Imran Khan Alwar के लेट अस टॉक एजुकेशन कार्यक्रम ने हजारों शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया। उन्होंने छात्रों को जलवायु परिवर्तन के बारे में शिक्षित करने, स्कूल पुस्तकालय की स्थापना और स्कूल परिसर में 200 पौधों का मियावाकी गार्डन बनाने जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया।
सकारात्मक रहा सामुदायिक जुड़ाव
बातचीत के दौरान पॉजिटिव कनेक्ट को App Guru Imran Khan Alwar बताते हैं, उनका सामुदायिक जुड़ाव भी सकारात्मक व प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने धन जुटाने के अभियानों का नेतृत्व किया, जिससे स्थानीय संगठनों ने स्कूलों का नवीनीकरण किया और नामांकन बढ़ा। उनके नेतृत्व में विद्यालय में मस्ती की पाठशाला कार्यक्रम ने बच्चों का व्यक्तित्व विकास और कॅरियर मार्गदर्शन किया हैं।
100 से ज्यादा शैक्षिक एप बनाए
वर्ष 1999 से अंग्रेजी, गणित, और विज्ञान पढ़ाते हुए Imran Khan Alwar ने शिक्षा को दिलचस्प और सुलभ बनाने के अनगिनत प्रयास किए। 2008 में पहली बार कम्प्यूटर का उपयोग करने के बाद इमरान ने वेब डेवलपमेंट सीखा और हिंदी में ऑफलाइन शैक्षिक सामग्री विकसित की।
शिक्षा में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के महत्व को समझते हुए 100 से अधिक शैक्षिक ऐप बनाए, जो 50 से अधिक देशों में 30 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं तक पहुंच चुके हैं।
मानव संसाधन मंत्रालय को सौंपे एप्स
App Guru Imran Khan Alwar ने शैक्षिक ऐप्स में प्राथमिक शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्वास्थ्य (ग्रामीण महिलाओं के लिए मातृत्व देखभाल ऐप) और सामाजिक कल्याण जैसे विषयों को कवर किया है।
वर्ष 2015 में Imran Khan Alwar ने बनाए अपने ऐप्स मानव संसाधन मंत्रालय को समर्पित कर दिए, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन के वेम्बली स्टेडियम में अपने भाषण में भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरा हिंदुस्तान अलवर के इमरान खान में बसता है।
शैक्षणिक योगदान और नवाचार
Imran Khan Alwar ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रशस्त, राष्ट्रीय-ए-पुस्तकालय जैसे ऐप्स विकसित किए हैं, जबकि राजस्थान सरकार के लिए दिशारी, देववानी और गिरवानी ऐप बनाए। उनकी ओर से बनाए देववानी ऐप ने कोविड-19 महामारी के दौरान संस्कृत के छात्रों और शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षा का मंच प्रदान किया।
शिक्षा में किए कई नवाचार
शिक्षा को सभी तक पहुंचाने के लिए Imran Khan Alwar ने कई नवाचार किए, जिनमें बहु-स्तरीय कक्षाओं के लिए पीयर लर्निंग और समूह-आधारित परियोजनाएं शामिल हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की अनुपस्थिति और शैक्षिक असमानताओं को कम करने में सफलता मिली।
App Guru Imran Khan Alwar को मिले सम्मान
वर्ष पुरस्कार
2016 राष्ट्रीय आईसीटी पुरस्कार
2016 भामाशाह पुरस्कार
2018 राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
2019 जमनालाल बजाज पुरस्कार
2023 फुलब्राइट डिस्टिंग्विश्ड अवार्ड
यहां दिया प्रशिक्षण व व्याख्यान
App Guru Imran Khan Alwar ने NCERT और SSIERT के साथ मिलकर हजारों शिक्षकों को शिक्षा में आईसीटी के उपयोग का प्रशिक्षण दिया है। वे लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी, IIT दिल्ली और IIM अहमदाबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में व्याख्यान दे चुके हैं। Imran Khan Alwar को टेड (TED) जैसे वैश्विक प्लेटफार्म पर भी अपनी वार्ता देने का अवसर मिला है।
