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एक पहल

Mewat Woman : शादी बाद फिर पढ़ाई, 10 वीं-12वीं पास की

Mewat Woman

Mewat Woman  शादी के बाद घर-गृहस्थी में उलझने से पढ़ाई छूट गई तो मन में आगे ना पढ़ पाने मलाल रहता था, लेकिन मौका मिलते ही Mewat Woman आगे आई और आज राजस्थान के अलवर जिले में शादी के लम्बे अंतराल के बाद 25 महिलाएं फिर से पढ़ाई कर रही हैं। कई ने तो ओपन बोर्ड से 10वीं और 12वीं पास भी कर ली। ऐसी ही Mewat Woman की प्रेरक कहानी

Girls Education in Mewat

Mewat Woman को मौका मिला तो पढऩे की इच्छा चढ़ी परवान

अलवर (राजस्थान)। आमतौर पर शादी के बाद महिलाएं घर-गृहस्थी में उलझकर रह जाती हैं। ऐसे में उनका पढऩा मुश्किल हो जाता है, लेकिन राजस्थान में ऐसी Mewat Woman हैं, जिन्होंने शादी के बाद भी पढऩे की इच्छा का दफन नहीं होने दिया।

Mewat Woman ने मौका मिलते ही अपनी पढऩे की इच्छा को परवान चढ़ाया। इन्हें पढ़ाई छोड़े 3 से 16 साल का लम्बा अंतराल हो गया, लेकिन आज ये महिलाएं अपनी हिम्मत, लगन और मेहनत से पढ़ाने में जुटी हैं।

घर का खर्चा उठाने में बन रही मददगार

ये Mewat Woman रोजमर्रा के घरेलू कामकाज तो करती ही हैं। खेती-बाड़ी, पशुओं की देखभाल जैसे काम भी संभालती हैं। कई महिलाएं आर्थिक मजबूरियों के कारण दुकान खोलकर घर का खर्चा उठाने में मददगार बनी हैं। इन सबके बीच पढ़ाई के प्रति उनका जज्बा काबिल-ए-तारीफ है।

पढऩे की इच्छा को बलवती कर रही एमिड संस्था

शादी के कारण पढ़ाई छोडकऱ घर-गृहस्थी में उलझी ऐसी Mewat Woman में पढऩे की इच्छा को फिर से बलवती करने में एमिड नामक संस्था जुटी है, जो इन्हें अपने बालिका शिक्षा केन्द्रों से जोडकऱ ओपन बोर्ड से 10वीं व 12वीं पास करा रही है।

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पति बोले, अब पढकऱ क्या करोगी ?

अलवर के रामगढ़ कस्बे से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गांव साहडोली। यहां की अजीता ने 16 साल पहले 8वीं के बाद पढऩा छोड़ दिया, जिसका कारण उसका शादी होना बताया गया।

Mewat Woman अजीता पॉजिटिव कनेक्ट को बताती हैं कि शादी के बाद भी पढऩे का मन तो था, लेकिन पति हुकम का कहना था कि अब पढकऱ क्या करोगी?, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। एक बार एमिड की टीम गांव में आई तो मैंने पढऩे की अपनी इच्छा जाहिर की।

पति को समझाया तो वे सहमत हो गए

Mewat Woman अजीता को बताती है कि टीम सदस्यों ने मेरे पति को समझाया तो वे पढ़ाने को सहमत हो गए। फिर क्या था मेरे तो जैसे पंख ही लग गए। मैंने ओपन बोर्ड से 10 की परीक्षा 57 फीसदी अंकों से पास की और अब 12वीं का फार्म भी ओपन बोर्ड से भरा है और परीक्षा की तैयारी कर रही हूं।

खोली कॉस्मेटिक की दुकान, पढ़ाई भी

पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत में Mewat Woman अजीता बताती है कि मेरे पति हुकम मजदूरी करते हैं, जिससे घर का खर्चा चलाना मुश्किल होता है तो मैंने घर पर ही कॉस्मैटिक के सामान की दुकान भी खोल रखी है। घर के रोजमर्रा के कामकाज के साथ मैं दुकान चलाती हूं और समय बचाकर पढ़ती भी हूं।

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पिता की सेवा के साथ पढ़ाई करती है सबीना

रामगढ़ ब्लॉक के ही गांव साहडोली की सबीना की ससुराल बड़ौदा मेव में है। उसका पति मैजर मजदूरी करता है। सबीना के भाई नहीं है और उसकी मां का इंतकाल हो चुका है।

Mewat Woman सबीना पॉजिटिव कनेक्ट को बताती है कि बुजुर्ग पिता की सेवा की खातिर वह अपने पति के साथ पीहर में ही रहती है। हम पति-पत्नी दोनों पिता की खेती का कामकाज भी संभालते हैं।

मजबूरियों ने कर दिया मुझे विवश 

Mewat Woman सबीना का कहना है कि घर की परिस्थितियों के कारण मुझे 10वीं की पढ़ाई छोडऩी पड़ी। हालांकि मेरा पढऩे का मन था, लेकिन मजबूरियों ने मुझे विवश कर दिया। पढ़ाई छोड़े 10 साल हो गए, लेकिन पढऩे की इच्छा को मरने नहीं दिया।

टीचर बनना चाहती है सबीना

Mewat Woman सबीना को बताती है कि एक बार एमिड की टीम गांव आई तो उन्होंने मेरे पति व पिता दोनों को समझाया तो पति भी मुझे पढ़ाने को सहमत हो गए। सबीना बताती है कि मैंने ओपन बोर्ड से 12वीं का फार्म भरा और 12वीं पास भी कर ली। सबीना टीचर बनना चाहती है।

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ससुराल वाले तैयार नहीं थे पढ़ाने को

अलवर से 25 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गांव बलवण्डका, जहां की शहनाज को पढ़ाई छोड़े 3 साल हो गए। Mewat Woman शहनाज पॉजिटिव कनेक्ट को बताती है कि शादी के बाद भी उसका पढऩे का मन था, लेकिन ससुराल वाले पढ़ाने को तैयार नहीं थे पर शहनाज ने हिम्मत नहीं हारी।

घरेलू कार्यों के बीच पढ़ती है शहनाज

उसने खुद आगे बढकऱ एमिड संस्था से सम्पर्क साधा तो एमिड की टीम के समझाने के बाद उसका पति कमरदीन पढ़ाने का सहमत हो गया तो Mewat Woman शहनाज गांव में बने बालिका शिक्षा केन्द्र पर नियमित पढऩे जाने लगी। शहनाज ने ओपन बोर्ड से 12वीं का फार्म भरा है और वह भी जीवन में कुछ अच्छा करना चाहती है। घरेलू कामकाज से समय निकाल कर Mewat Woman शहनाज पढ़ाई भी कर रही है।

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जीवन में कुछ अच्छा करने का विचार

अलवर मेवात शिक्षा एवं विकास संस्थान (AMIED) की शैक्षिक समन्वयक पूनम गुप्ता पॉजिटिव कनेक्ट को बताती हैं कि शादी के कारण पढ़ाई छोड़ चुकी करीब 25 महिलाएं एमिड के प्रयासों से फिर से पढऩे लगी हैं। इनमें से कई 10वीं व 12वीं पास कर चुकी हैं। पॉजिटिव कनेक्ट से बातचीत में पूनम बताती हैं कि ये Mewat Woman अब अपने जीवन में कुछ अच्छा करने का विचार रखती हैं।

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